Cricket World Cup 2011 Story | क्रिकेट वर्ल्ड कप 2011 कहानी

Cricket World Cup 2011 Story | क्रिकेट वर्ल्ड कप 2011 कहानी


क्रिकेट भारत का सबसे लोकप्रिय खेल है। आलम यह होता है कि भारतीय टीम किसी भी देश में खेलने जाए वहां पर भारतीय प्रशंसकों की संख्या हमेशा ज्यादा ही रहती है। भारतीय टीम को उसकी है सरजमी पर हराना किसी सपने से कम नहीं है। इसके लिए टीमों को बहुत सारी मेहनत करनी पड़ती है। क्रिकेट के प्रति लोगों का लगाव 2011 के Cricket World Cup से बहुत अधिक बढ़ गया है, होगा भी क्यों नहीं, क्योंकि उस वर्ल्ड कप में भारत 28 साल बाद चैंपियन बना था। इस जीत के साथ करोड़ो भारतीय प्रशंसको के दिलों का सपना पूरा हुआ। Cricket World Cup 2011 के आयोजन भारत में ही हुआ था। लोगों का मानना था कि यह Cricket World Cup 2011 का Final भारत ही जीतेगा और ऐसा अंत में हुआ भी। इस टूर्नामेंट में भारत के सभी खिलाड़ियों ने अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन किया। आज हम बात कर रहे हैं कि भारत ने इस Cricket World Cup में किस प्रकार शुरुआत की और अंत में फाइनल मुकाबला कैसे जीता था।

1st Match 

India vs Bangladesh


बांग्लादेश की टीम ने क्रिकेट वर्ल्ड कप 2007 में भारतीय टीम को सेमीफाइनल में हराकर उसको बाहर का रास्ता दिखाया था । Cricket World Cup 2011 के ग्रुप स्टेज मैचों में भारत और बांग्लादेश की टीम आमने सामने थी भारत में पहले बल्लेबाजी करते हुए 370 रनों का विशाल स्कोर खड़ा किया। इस मैच में वीरेंद्र सहवाग ने 140 गेंदों में 175 रनों की बड़ी पारी खेली थी। विराट कोहली ने भी 83 गेंदों में  नाबाद शतक(100*) बनाया था। बांग्लादेश की टीम तमीम इकबाल की 83 रनों के संघर्षपूर्ण पारी की बदौलत बांग्लादेश निर्धारित 50 ओवरों में 9 विकेट खोकर 283 रन ही बना सका और भारत ने यह मैच 87 रनों से जीत लिया और पिछली हार का बदला भी चुकता कर दिया। 175 रनों की शानदार पारी खेलने के लिए वीरेंद्र सहवाग को Man of the Match का पुरस्कार दिया गया।

2nd Match

India vs England

ग्रुप स्टेज का दूसरा मैच भारत का इंग्लैंड के साथ था जो वर्ल्ड कप जीतने के प्रबल दावेदार में से एक थी। बंगलोर के चिन्नास्वामी स्टेडियम में हुए इस मैच में भारत ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने का फैसला किया। भारत की ओर से क्रिकेट के भगवान का है जाने वाले सचिन तेंदुलकर ने शानदार शतक(120) बनाया। सचिन तेंदुलकर के शतक के बदौलत भारतीय टीम 49.5 ओवर में सभी विकेट खोकर 338 रनों का विशाल स्कोर खड़ा कर दिया। लक्ष्य का पीछा कर रही इंग्लैंड की टीम की ओर से कप्तान Andrew Strauss ने  कप्तानी पारी में शानदार शतक बनाया। स्ट्रॉस ने 145 गेंदों में 158 रनों की कप्तानी पारी खेली। इस रोमांचक मुकाबले में इंग्लैंड को अंतिम ओवर में जीतने के लिए 14 रनों की जरूरत थी। करोड़ो भारतीय समर्थकों को यह मैच लगभग जीता हुआ लग रहा था। क्रीज पर पुछल्ले बल्लेबाज बल्लेबाजी कर रहे थे। भारत की ओर से अंतिम ओवर लेकर आये मुनाफ पटेल की 3 गेंद पर अहमद शहजाद ने छक्का लगा दिया। इस रोमांचक मुकाबले में अंतिम ओवर में 13 रन ही बन पाए और मैच टाई हो गया। इसमें से दोनों टीमों को एक-एक अंक ही मिले। एंड्रयू स्ट्रॉस को 158 रनों की शानदार पारी खेलने के लिए Man of the Match का पुरस्कार दिया गया।

3rd Match

India vs Ireland

भारत का तीसरा मुकाबला एक ऐसी टीम से था जिसका क्रिकेट इतिहास में कोई ज्यादा बड़ा नाम नहीं था, वह टीम थी आयरलैंड। आयरलैंड की टीम ने इसी Cricket World Cup में इंग्लैंड की टीम को हराकर एक बड़ा उलटफेर किया था। आत्मविश्वास से भरी हुई आयरलैंड की टीम का इस बार मुकाबला था भारत से। पहले बल्लेबाजी करने उतरी आयरलैंड की टीम 47.5 ओवरो में 207 रन बनाकर ढेर हो गई। आयरलैंड की टीम को ढेर करने में मुख्य योगदान रहा भारत के स्पिन गेंदबाज युवराज सिंह का। इस मैच में युवराज सिंह ने 5 विकेट लिए। आलराउंडर प्रदर्शन दिखाते हुए 50 रनों की नाबाद पारी भी खेली। भारतीय टीम ने 46 ओवरों में 210 रन बनाकर 5 विकेट से मैच अपने नाम कर लिया। युवराज सिंह को उनकी बेहतरीन प्रदर्शन के लिए Man of the Match का पुरस्कार दिया गया।

4th Match

India vs Netherlands

भारत का चौथा मुकाबला नीदरलैंड की टीम से था। नीदरलैंड की टीम 46.4 ओवरों मे 189 रन बनाकर कर ढेर हो गई। इस मैच मे भी युवराज सिंह ने 2 विकेट लिए। छोटे से लक्ष्य का पीछा करने उतरी भारतीय टीम के चार बल्लेबाज 100 रन के अंदर ही आउट हो गए। लेकिन युवराज सिंह ने जल्दबाजी ना दिखाते हुए अपनी सूझबूझ के साथ 73 गेंदों में 51 रनों की नाबाद पारी खेलकर भारत को जीत दिलाने में अहम भूमिका निभाई। भारत ने यह मैच 36.3 ओवरों में 191 रन बनाकर 5 विकेट रहते हुए जीत लिया। युवराज सिंह को लगातार दूसरी बार Man of the Match का पुरस्कार दिया गया।

5th Match 

India vs South Africa

हर बार Cricket World Cup के प्रबल दावेदारों में से एक दक्षिण अफ्रीका की टीम एक बार भी चैंपियन बनने का गौरव नहीं प्राप्त कर सकी हैं। इस बार मुकाबला भारत और दक्षिण अफ्रीका के मध्य होना था। पहले बल्लेबाजी करने उतरी भारतीय टीम की ओर से वीरेंद्र सहवाग ने 66 गेंदों में 73 रनों की पारी खेली और इस मैच में सचिन तेंदुलकर ने 101 गेंदों पर 111 रनों की शानदार शतक लगाया। एक समय भारतीय टीम का स्कोर 350 रनों के आसपास आता दिख रहा था लेकिन डेल स्टेन ने अपने 9.4 ओवरों में 50 रन देकर 5 विकेट हासिल किए थे और भारतीय टीम की कमर तोड़ दी थी। जिसके चलते भारतीय टीम 48.4 ओवरों में सभी विकेट खोकर 296 रन ही बना सकी। लक्ष्य का पीछा करने उतरी अफ्रीकी टीम की ओर से स्मिथ और अमला ने बेहतरीन शुरुवात दी थी। अंत मे मैच ऐसी स्थिति में पहुंचा की अंतिम ओवर में जीत के लिए 13 रनों की जरूरत थी और अफ्रीकी टीम के 7 विकेट गिर चुके थे। नेहरा की पहली 2 गेंदों पर ही रोबिन पीटरसन ने चौका और छक्का जड़ दिया और  दक्षिण अफ्रीका ने 2 गेंद शेष रहते ही लक्ष्य हासिल कर लिया। मैच में 5 विकेट लेने वाले डेल स्टेन को Man of the Match का पुरस्कार दिया गया। भारतीय टीम की इस Cricket World Cup में यह पहली और आखरी हार थी।

6th Match

India vs West Indies

भारतीय टीम का अगला मुकाबला वेस्टइंडीज की टीम से था। टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने उतरी भारतीय टीम की शुरुआत अच्छी नहीं रही। सचिन तेंदुलकर 2 रन बनाकर जल्दी आउट हो गए। फिर भारतीय टीम के रन मशीन विराट कोहली और सिक्सर किंग युवराज सिंह ने पारी को संभाला। विराट ने 76 गेंदों में 58 रन बनाए और युवराज सिंह ने शानदार शतक बनाते हुए 113 रनों की पारी खेली। इन दोनों पारियों से भारतीय टीम ने 49.1 ओवर में सभी विकेट खोकर 268 रन बना दिया। जवाब में उतरी वेस्टइंडीज के ड्वेन स्मिथ की 97 गेंदों पर 87 रनों की सूझबूझ से भरी पारी के अलावा कोई भी बल्लेबाज कमाल नही दिखा सका। इस कारण वेस्टइंडीज की टीम 43 ओवरों में 188 रनों पर ढेर हो गई। भारतीय टीम ने यह मैच बड़ी आसानी से 80 रनों से जीतकर क्वार्टर फाइनल में प्रवेश कर दिया। शतकीय पारी खेलने वाले युवराज सिंह को Man of the Match दिया गया।

7th Match (Quarter Final)

India vs Australia

लगातार तीन Cricket World Cup जीतने वाली ऑस्ट्रेलियाई टीम का मुकाबला क्वार्टर फाइनल में भारतीय टीम से था।पहले बल्लेबाजी कर रही ऑस्ट्रेलिया की ओर से कप्तान रिकी पोंटिंग ने 104 गेंदों में शानदार 118 रनों की पारी खेली। ऑस्ट्रेलिया ने 50 ओवरों में 6 विकेट खोकर 260 रन स्कोरबोर्ड पर लगाये। इतने बड़े मुकाबले में इतने रन विपक्षी टीम के लिए अच्छे थे। लेकिन भारतीय टीम ने समझदारी के साथ 47.4 ओवर में 261 रन बनाकर लक्ष्य हासिल कर लिया। भारत की ओर से सचिन(53) और गम्भीर(50) ने अर्धशतकीय पारियाँ खेली। एक बार फिर Man of the Match का पुरस्कार युवराज सिंह को दिया गया। युवराज ने गेंदबाजी में 2 विकेट लिए थे और साथ ही साथ बल्लेबाजी में 57 रनों की नाबाद पारी खेली थी।

8th Match (Semi Final)

India vs Pakistan

सेमीफाइनल में भारत का मुकाबला ऐसी टीम से था जिसे क्रिकेट में ही नही बल्कि सभी खेलो में भारत का चिर प्रतिद्वंद्वी माना जाता है। यह टीम थी पाकिस्तान। भारतीय टीम ने निर्धारित50 ओवरों में 9 विकेट खोकर 260 रन बनाए। सचिन तेंदुलकर ने इस मैच में 85 रनों की पारी खेली। पाकिस्तान के तेज गेंदबाज वहाब रियाज ने शानदार गेंदबाजी करते हुए भारत के 5 विकेट लिए। जिनमे विराट, धोनी और युवराज सिंह के विकेट मुख्य थे। जिस कारण टीम ज्यादा बड़ा स्कोर नही कर पायी। दूसरी पारी खेलने उतरी पाकिस्तानी टीम के बल्लेबाजो के विकेट नियमित अंतराल पर गिरते रहे और पूरी पाकिस्तान की टीम 49.5 ओवर में 231 में सिमट गई। भारत यह मुकाबला 29 रनों से जीत गया। सचिन तेंदुलकर को Man of the Match दिया गया।
After India won the match

9th Match (Final)

India vs SriLanka

शानदार प्रदर्शन करने के बाद भारतीय टीम आखिर तक इस मुकाम पर पहुंच गई। फाइनल में भारतीय टीम का मुकाबला श्रीलंका से था। आत्मविश्वास से भरी हुई श्रीलंका अपना लगातार दूसरा फाइनल खेल रही थी। श्रीलंका ने अपने क्वार्टर फाइनल मुकाबले में इंग्लैंड और सेमीफाइनल मुकाबले में न्यूजीलैंड को हराकर फाइनल तक सफर तय किया था। 2 अप्रैल 2011 को मुम्बई के वानखेड़े स्टेडियम में खेले गए इस मुकाबले में टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने उतरी श्रीलंका की टीम पहले बल्लेबाजी करने का फैसला लिया। श्रीलंका के सभी खिलाड़ी आत्मविश्वास से भरे हुए थे। टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने उतरी श्रीलंका की टीम ने निर्धारित 50 ओवरों में 6 विकेट के नुकसान पर 274 रन बना डाले थे। श्रीलंका के महेला जयवर्धने ने 88 गेंदों में 103 रनों की बेहतरीन शतकीय पारी खेली थी। जवाब में उतरी भारतीय टीम की शुरुआत ज्यादा अच्छी नही रही। भारत ने 31 रन पर अपने दो विकेट गंवा दिए। जिसमे सचिन तेंदुलकर और वीरेन्द्र सहवाग सहवाग को श्रीलंका के तेज गेंदबाज लसिथ मलिंगा ने चलता किया। इसके बाद गौतम गंभीर और विराट कोहली के बीच 83 रनो की साझेदारी हुई। विराट 35 रनों के व्यक्तिगत स्कोर पर आउट हो गए। इसके बाद युवराज सिंह की जगह महेंद्र सिंह धोनी ने  पहले बल्लेबाजी करने का फैसला किया जो कि भारतीय टीम के बिल्कुल सही फैसला था। धोनी और गम्भीर ने 109 रनों की शतकीय साझेदारी से भारत जीत के करीब पहुंच चुका था तभी गम्भीर ने अपना विकेट 97 रनों पर गवां दिया। जिससे भारतीय प्रसंशको और गौतम गंभीर को निराशा हुई क्योंकि गम्भीर अपना शतक बनाने से मात्र 3 रनों से चूक गए थे लेकिन वह भारत को जीत के करीब लाकर अपना काम कर चुके थे। महेंद्र सिंह धोनी ने इस मैच में महत्वपूर्ण 79 गेंदों पर नाबाद 91 रनों की पारी खेली। जब भारतीय टीम को जीत के लिए 11 गेंदों पर 4 रनों की जरूरत थी तब धोनी ने कुलशेखरा की गेंद पर विजयी छक्का लगाकर जीत और World Cup Trophy भारत की झोली में डाल दी। 28 साल के लंबे अंतराल के बाद भारतीय प्रसंशक और भारतीय स्टाफ झूम उठा। पूरा देश खुशी से झूम उठा। 91 रनों की नाबाद पारी खेलने वाले भारतीय कप्तान महेंद्र सिंह धोनी को Man of the Match दिया गया। पूरे टूर्नामेंट में आलराउंड प्रदर्शन करने वाले युवराज सिंह को Man of the Series का पुरस्कार दिया गया। इस प्रकार भारतीय टीम 28 साल बाद दूसरी बार ICC Cricket World Cup 2011 को जीतने में कामयाब रही।




आपको Cricket World Cup 2011 में किसका प्रदर्शन सबसे अच्छा लगता है??

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